Thursday, July 29, 2010

समर्पण


आप में से कुछ लोग मुझसे परिचित होंगे, और जो मुझे नहीं जानते वो मुझे मेरी कविताओं और अन्य कृतियों से जानने और समझने लगेंगे ऐसी मैं आशा करता हु | हिंदी में ब्लॉग्गिंग को क्या कहते हैं इसका ज्ञान मुझे अभी तक नहीं, ना ही मुझे अभी तक इसकी जानकारी है पर हाँ मैं इतना जरुर जानता हु की मुझे लिखना पसंद है और यही एक माध्यम है जिससे मैं स्वयं को भलीभांति व्यक्त कर पाता हु, अंग्रेजी में ब्लॉग्गिंग का तजरुबा भी मुझे कुछ ख़ासा नहीं है पर हाँ इस बात से मैं बहुत ही ख़ुशी  महसूस कर रहा हु की मैं अपनी प्रिय भाषा जो की सर्वदा हिंदी ही रही है उसमे स्वयं को  आप सभी के सामने व्यक्त करूँगा |

इस ब्लॉग के प्रेंरना श्रोत कुछ लोग हैं जिनके नाम लिए बगैर मैं अगर अपनी बात ख़तम कर दू तो यह बहुत ही गलत होगा,सबसे पहले मैं शुक्रिया कहना चाहूँगा नंदिता का जिसने हर उस छोटी बहन की तरह मांग की थी मुझसे उस के जन्म दिन पर एक कविता की पर मैं उसे भेंट सवरूप यह ब्लॉग और इस पर भविष्य में प्रेषित होने वाली कविताओं और लेखों को उसे समर्पित करता हु, यह ब्लॉग द्योतक है मेरी क्रितार्तथा का तनु दीदी को जिन्होंने मुझे अपनी कविताओं को इस ब्लॉग पर ले आने के लिए मार्गदर्शन किया और मेरी बहुत अच्छी मित्र 
मनीषा को जो सर्वथा मुझे और भी अच्छा लिखने की प्रेरणा देती है और मेरे लिखे हुए बुरे से बुरे लेख को भी सराहती है, मैं कृतार्थ हु   श्रीमती निधि गर्ग के प्रति जिन्होंने मेरी प्रथम कविता को सराहा था और जिनके आशीर्वाद से मैं आज भी लिख रहा हु |

आप सभी को मेरा धन्यवाद|
मैं   दिव्यान्ग्शु

2 comments:

  1. Hey divz, congrats for the new hindi blog! i wish i cud type in hindi here. Its my favourite too! its nice to see u wanted to thank ur close ppl before u started it!

    I really look forward to read ur poetry!

    keep blogging, be urself!

    restless

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  2. awwww__________ love you for this bhai__yur d best!!yu rock__

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